सोनभद्र में अंधविश्वास हावी: : टोना-टोटका के शक में घर में घुसकर युवक की पिटाई
sonbhadra
09:42 PM, Feb 15, 2026
जिले में अंधविश्वास का असर लगातार खतरनाक रूप लेता जा रहा है। टोना-टोटका और भूत-प्रेत के शक में न केवल विवाद बढ़ रहे हैं, बल्कि हिंसा की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ताजा मामले में रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला पर भूत-प्रेत का साया होने का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने उसके घर में घुसकर पति की पिटाई कर दी और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस मामले में कार्रवाई में जुटी है।

सोनभद्र
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Published By
Neeraj Shukla
पत्नी को बताया ‘भूत का साया’, चार पर मुकदमा
नीरज शुक्ला...
सोनभद्र। जिले में अंधविश्वास और टोना-टोटका के नाम पर हिंसा की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के ग्राम भटौलिया का है, जहां कुछ लोगों ने एक महिला पर भूत-प्रेत और टोना-टोटका का आरोप लगाते हुए उसके घर में घुसकर पति के साथ मारपीट की और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित रामनाथ (काल्पनिक नाम) पुत्र रामदास, निवासी ग्राम भटौलिया, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कुछ दिन पूर्व सुबह करीब 7 बजे गांव के ही राजकुमार पुत्र मंगल, संदीप पुत्र राजकुमार, दिलीप पुत्र राजकुमार और धर्मवती पत्नी राजकुमार उनके घर में घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने उनकी पत्नी पर टोना-टोटका करने और गांव में भूत-प्रेत का साया होने का आरोप लगाया। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि उनकी पत्नी के कारण गांव में अशुभ घटनाएं हो रही हैं। जब रामनाथ ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें पकड़कर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया, जिससे उनके पेट और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी कि यदि उनकी पत्नी द्वारा कथित टोना-टोटका बंद नहीं किया गया तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। घटना के बाद पीड़ित ने मेडिकल परीक्षण कराते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक अनिल विश्वकर्मा को सौंपी गई है।
एफआईआर प्रतिलिपि।
ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास बना खतरा
सोनभद्र जिले के ग्रामीण इलाकों में आज भी अंधविश्वास, भूत-प्रेत और टोना-टोटका जैसी मान्यताओं के कारण विवाद और हिंसा की घटनाएं सामने आती रहती हैं। जागरूकता के अभाव में कई बार निर्दोष लोग इसका शिकार बनते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन को सख्त कार्रवाई के साथ व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाने की आवश्यकता है।
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केस-1:
भूत-प्रेत के शक में महिला की हत्या
ओबरा थाना क्षेत्र के परसोई गांव में भूत-प्रेत के शक में 52 वर्षीय रजवंती की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उनके पति बाबूलाल खरवार (57) भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।
केस-2:
कुल्हाड़ी से हमला, ससुर की मौत
हाथीनाला थाना क्षेत्र के हथवानी के साओडीह गांव में भूत-प्रेत के शक में एक महिला ने अपने ससुर हरी प्रसाद पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। गंभीर चोटों के कारण अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी।
केस-3:
महिला पर हमला, इलाज के दौरान मौत
पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बभनगावां गांव में भूत-प्रेत के शक में किरहुलिया गांव निवासी 45 वर्षीय तेतरी देवी पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल तेतरी देवी की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
केस-4:
जादू-टोना के शक में पीट-पीटकर हत्या
पूर्व के सालों में करईल गांव में जादू-टोना के शक में पट्टीदारों ने कामेश्वर यादव (56) पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। हमले में उनकी पत्नी सुमित्री देवी, पुत्र अखिलेश यादव और परिवार की अन्य सदस्य विंदा देवी व सुनीता भी घायल हो गए थे। घायलों को कोन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने कामेश्वर यादव को मृत घोषित कर दिया था।
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मानसिक रोग को भी अंधविश्वास से जोड़ते हैं लोग
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जिले में कई बार मरीजों को भूत-प्रेत या जादू-टोना से प्रभावित बताकर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल लाया जाता है, जबकि जांच में वे मानसिक तनाव या मानसिक रोग से पीड़ित पाए जाते हैं। ऐसे मामलों में मानसिक रोग विशेषज्ञ द्वारा उचित उपचार और परामर्श दिया जाता है। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि अंधविश्वास आज भी समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है और इसके खिलाफ जागरूकता तथा वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।

