होमवीडियो
Breaking News

Welcome to Jan Samvad Live. Get a daily news update.

न्यूज़mohra caught in bribery scandal now when will action be taken against big players

रिश्वत कांड में ‘मोहरा’ पकड़ा गया, : अब बड़े खिलाड़ियों पर कार्रवाई कब ?

उत्तर प्रदेश

08:16 AM, Mar 20, 2026

सोनभद्र में CMO कार्यालय के संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटर चंचल प्रसाद यादव की ₹50,000 रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी के बाद मामला अब “जनता बनाम सिस्टम” का रूप लेता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा साफ नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि कार्रवाई अधूरी है और असली खिलाड़ी अब भी बच निकले हैं।

रिश्वत कांड में ‘मोहरा’ पकड़ा गया, : अब बड़े खिलाड़ियों पर कार्रवाई कब ?

प्रतिकात्मक फोटो।

Share:

Neeraj Shukla

Published By

Neeraj Shukla



एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। लोगों का मानना है कि यह केवल शुरुआत है, लेकिन असली जांच तब मानी जाएगी जब पूरे सिस्टम और उससे जुड़े लोगों की भूमिका सामने आएगी।

---
🔴 सोशल मीडिया पर जनता की आवाज:


👉 गोविंद गुप्ता (Facebook):

“मुख्य अपराधी तो इनका बड़ा अधिकारी भी जरूर से शामिल होगा? जब तक कायदे से पूरी सफाई नहीं होगा तो कोई फायदा नहीं.. छोटे मछली के साथ बड़ा वाला वह मगरमच्छ भी लपेटे में लिया जाय।”


👉 संजय कुमार अकेला (Facebook):

“बिना CMO के संज्ञान के ये सब कैसे हो सकता है??? जांच CMO की भी होनी चाहिए।”


👉 रोहित गोस्वामी (Facebook):

“उसकी संपति की भी जांच हो।”
👉 तुलसी अग्रहरी (Facebook):

“Kadi se Kadi karyavahi honi chahie”


👉 आचार्य सत्येंद्र द्विवेदी (Facebook):

“पाप एक न एक दिन उजागर होता ही है।”


👉 शिवेंद्र कुमार निषाद (Facebook):

“बहुत अच्छा हुआ इनकी शिकायत काफी थी।”

“बिना डर भय के लूट चल रही हैं”

---
👉 राहुल आलोक मौर्य (Facebook):

“ज्यादा छोटा मछली है बड़ी मछली को पकड़ना है तो सीएमओ का जांच होना चाहिए उसके पास कितनी प्रॉपर्टी है और उसके रिश्तेदारों के पास तब जाकर बड़ी मछली हाथ आएगी”


👉 Sk Mishra (Facebook):

“हर विभाग भ्रष्टाचार में लिप्त है सोनभद्र में इसी तरह कार्यवाई हर विभाग में होनी चाहिए”


👉 RB Praji (Facebook):

“भाई सोच रहा है कि Phone pay से क्यों पैसा नहीं लिया”


👉 Ashish Panday (Facebook):

“यह काम बहुत पहले होना था aior बहुत लोगो ka हाथ होगा”


👉 Awadhesh Gupta (Facebook“

संविदा पे और रखो”


 
जनता का बड़ा आरोप :

सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग यह कह रहे हैं कि 👉 “इस पूरे मामले में केवल एक मोहरे पर कार्रवाई हुई है, जबकि असली बड़े खिलाड़ी जो पर्दे के पीछे से काम करते हैं, वे अब भी बच गए हैं।”

---
संपत्ति, प्रभाव और संरक्षण पर सवाल:
लोगों के बीच अब यह चर्चा भी तेज है कि—
आखिर एक संविदा कर्मी इतना प्रभावशाली कैसे बन गया?
करीब ₹12,000 महीना पाने वाला कर्मचारी करोड़ों की जमीन, बैंक बैलेंस और अन्य संपत्तियों तक कैसे पहुंच गया? उसकी आय और संपत्ति में इतना बड़ा अंतर कैसे बना?

👉 सबसे बड़ा सवाल-आखिर वह कौन है जिसके संरक्षण में चंचल प्रसाद यादव यह कथित वसूली नेटवर्क चला रहा था?
👉 क्या इसमें नोडल अधिकारी का सीधा या परोक्ष संरक्षण था?

---
नोडलअधिकारी पर भी उठे सवाल:
रिश्वत कांड सामने आने और उनके अधिनस्थ कर्मी की गिरफ्तारी के बाद भी नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव अपने पद पर मजबूती से बने हुए हैं।
👉 ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या उनकी भूमिका की भी जांच होगी? या फिर मामला केवल निचले स्तर तक ही सीमित रखा जाएगा?
---
जनता के बड़े सवाल:
क्या यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित रहेगा?
क्या बड़े अधिकारियों की भी जांच होगी?
क्या पूरे वसूली नेटवर्क और संपत्ति की जांच होगी?
क्या पर्दे के पीछे बैठे लोगों तक कार्रवाई पहुंचेगी?

---
सोशल मीडिया पर आ रही प्रतिक्रियाओं से साफ है कि जनता अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शी और व्यापक जांच चाहती है।
👉 अब नजर इस बात पर है कि जांच केवल एक संविदाकर्मी तक सीमित रहती है या फिर उन बड़े चेहरों तक भी पहुंचती है, जिन पर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं।


सम्बंधित खबर

विज्ञापन

Follow Us:

InstagramYouTube
Developed by SpriteEra IT Solutions

© Copyright jansamvadlive 2026. All rights reserved.