मानहानि का आरोप, : जिला पंचायत अध्यक्ष ने सपा जिलाध्यक्ष पर किया एफआईआर दर्ज करने की मांग
उत्तर प्रदेश
10:26 PM, Mar 18, 2026
सोनभद्र में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष के एक बयान ने सियासत को गर्म ही नहीं, उबाल पर ला दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर “माफिया का कब्जा” जैसे गंभीर आरोप के बाद अब मामला सीधे पुलिस जांच के दायरे में आ चुका है, जिससे राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है।

सोनभद्र जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित बैठक की फाइल फोटो।
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Published By
Neeraj Shukla
सोनभद्र जनपद में जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल की ओर से समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव के खिलाफ करमा थाने में तहरीर दी गई है। तहरीर में उनके द्वारा मीडिया और सोशल मीडिया पर दिए गए बयान को झूठा, अपमानजनक और मानहानिकारक बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
सपा जिलाध्यक्ष।
दरअसल, सपा जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव ने एक निजी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में बड़ा सियासी आरोप लगाते हुए कहा था कि जिले की प्रथम नागरिक यानी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर माफिया का कब्जा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिला पंचायत अध्यक्ष को करीब डेढ़ लाख रुपये मासिक वेतन मिलता है, जबकि बाकी सभी काम एक कथित माफिया के इशारे पर संचालित किए जाते हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया ने पैसे खर्च कर चुनाव जितवाया है, जिससे बयान ने और ज्यादा तूल पकड़ लिया। हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही बना हुआ है कि आखिर वह कौन “माफिया” है, जिसका जिक्र किया गया। अब तक सपा जिलाध्यक्ष की ओर से किसी विशेष व्यक्ति का नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है और न ही यह खुलासा हो सका है कि आरोप किसके खिलाफ इशारा कर रहे हैं, जिससे मामले में सस्पेंस और बढ़ गया है। इसी बयान के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताते हुए पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष दोपहर क वक्त अपने समर्थकों के साथ करमा थाने पहुंची। जहां मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दिया। उनका कहना है कि इस तरह के आरोप उनकी सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। तहरीर में यह भी कहा गया है कि बयान से जुड़े पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
जांच में जुटी पुलिस:
मामले को लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, साक्ष्यों के आधार पर पूरे प्रकरण की पड़ताल की जा रही है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने पर सपा जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव पर कानूनी शिकंजा कस सकता है।
राजनीतिक हलचल तेज:
इस घटनाक्रम ने सोनभद्र की राजनीति में नई सरगर्मी ला दी है। एक बयान से शुरू हुआ विवाद अब आरोप, तहरीर, जांच और सस्पेंस तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है, जहां राजनीति और कानून आमने-सामने नजर आ सकते हैं। इस संबंध में करमा थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि मामले में शिकायती पत्र मिला है। जिसके आधार पर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

