कानून को ठेंगा दिखाकर रात में बिक रही शराब, : जिम्मेदार बेखबर या खामोश ?
sonbhadra
11:15 PM, Feb 20, 2026
राबर्ट्सगंज में शराब बिक्री को लेकर चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। शुक्रवार रात 10 बजे के बाद की गई पड़ताल में पाया गया कि शराब दुकानें भले ही शटर गिराकर बंद दिखाई देती हैं, लेकिन अंदर से खिड़की और शटर के नीचे से धड़ल्ले से बोतलें बेची जा रही हैं। सबसे व्यस्त उरमौरा चौराहे से लेकर चुर्क तिराहे के पास तक रात 10:30 बजे के बाद भी शराब आसानी से उपलब्ध रही।

उरमौरा स्थित दुकान के शटर के नीचे से बोतल लेते ग्राहक।
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Published By
Neeraj Shukla
:सोनभद्र में शटर गिराकर रातभर बिक रही शराब
सोनभद्र। जिले में निर्धारित समय के बाद भी शराब बिक्री का मामला सामने आया है। शुक्रवार रात की पड़ताल में राबर्ट्सगंज क्षेत्र की दो दुकानों पर शटर बंद होने के बावजूद खिड़की और नीचे से शराब बेचे जाने की पुष्टि हुई। इससे आबकारी विभाग की निगरानी और पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
सोनभद्र जिले में शराब बिक्री को लेकर लागू नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। शासन के निर्देशानुसार शराब दुकानों को रात 10 बजे तक बंद करना अनिवार्य है, लेकिन इसके बावजूद देर रात तक शराब की बिक्री जारी रहने की शिकायतें मिल रही हैं। दुकानों पर केवल औपचारिक रूप से शटर गिरा दिया जाता है, जबकि अंदर से खिड़की या शटर के नीचे से पैसे लेकर शराब की बोतलें ग्राहकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।शुक्रवार की रात 10:00 बजे के बाद राबर्ट्सगंज क्षेत्र में की गई पड़ताल में इस अवैध बिक्री की स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आई। सबसे व्यस्त उरमौरा चौराहे के पास स्थित कंपोजिट अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान पर शटर बंद होने के बावजूद नीचे से शराब बेची जाती पाई गई। देर रात तक वहां ग्राहकों की आवाजाही जारी रही और पैसे लेकर बोतलें दी जाती रहीं।इसके अलावा, रात करीब 10:30 बजे छपका पावर हाउस के पास चौहद्दी के नाम से आवंटित देसी शराब की दुकान, जो चुर्क तिराहे के पास खेत में स्थित है, वहां भी शटर बंद होने के बावजूद खिड़की से शराब दिए जाने का मामला सामने आया। यह स्थिति बताती है कि निर्धारित समय के बाद भी शराब बिक्री का सिलसिला निर्बाध रूप से जारी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि दिखावे के लिए शटर गिरा दिया जाता है, लेकिन वास्तविकता में अंदर से बिक्री जारी रहती है। देर रात तक ग्राहक पहुंचते हैं और उन्हें आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है। लोगों का आरोप है कि यह सब बिना प्रभावी निगरानी के संभव नहीं इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विभाग की जिम्मेदारी शराब दुकानों की नियमित जांच और निर्धारित समय का पालन सुनिश्चित कराना है, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की गतिविधियों का जारी रहना विभाग की निगरानी व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है। यदि समय-समय पर सख्त निरीक्षण और कार्रवाई की जाए, तो इस तरह की अवैध बिक्री पर रोक लगाई जा सकती है।वहीं, पुलिस की जिम्मेदारी भी शासन के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराना और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। इसके बावजूद प्रमुख स्थानों पर देर रात तक शराब बिक्री होना पुलिस की सक्रियता और गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करें, तो इस तरह के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके और अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाई जा सके।

