21 साल की उम्र में 11 मुकदमे: : जेल, गैंगस्टर और इनाम… फिर भी नहीं रुका ‘नशे का धंधा’
07:16 AM, Mar 18, 2026
सोनभद्र समाचार

नशे के सामग्री की प्रतिकात्मक फोटो।
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Published By
Neeraj Shukla
नीरज शुक्ला
सोनभद्र। जिले में नशे के कारोबार की परतें एक बार फिर तब खुलीं जब पुलिस ने ₹25 हजार के इनामी वांछित अभियुक्त प्रतीक कुमार उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर लिया। हैरानी की बात यह है कि महज 21 साल की उम्र में उसके खिलाफ 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
एसओजी और थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने 14 मार्च 2026 की रात 10:26 बजे आर्यन एकेडमी के पास, ग्राम गोरारी क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से 22 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹2.20 लाख बताई जा रही है। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत नया मुकदमा दर्ज कर लिया है।
21 साल की उम्र, लेकिन अपराधों की लंबी फाइल
आमतौर पर यह उम्र पढ़ाई, करियर और सपनों की होती है, लेकिन प्रतीक कुमार उर्फ बंटी की जिंदगी की फाइल पुलिस रिकॉर्ड में अपराधों से भरती चली गई। पुलिस के अनुसार 2023 से 2026 के बीच उसके खिलाफ कुल 11 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
इनमें सबसे अधिक मामले एनडीपीएस एक्ट (नशे की तस्करी) से जुड़े हैं। इसके अलावा चोरी, घर में घुसकर वारदात, मारपीट और उपद्रव जैसे मामले भी दर्ज हैं।
लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने 2025 में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की। इसके बावजूद उसकी आपराधिक गतिविधियों पर रोक नहीं लग सकी।
जेल की सलाखें भी नहीं बदल सकीं रास्ता
पुलिस सूत्रों के अनुसार बंटी पहले भी कई बार जेल जा चुका है, लेकिन हर बार जेल से छूटने के बाद वह फिर उसी रास्ते पर लौट आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे के कारोबार में होने वाली तेज और मोटी कमाई का लालच उसे बार-बार अपराध की दुनिया में खींच लाता है। कम उम्र में ही आसान पैसे की आदत ने उसे कानून से बेखौफ बना दिया है।
पुलिस के लिए सिरदर्द बना था आरोपी
लगातार मामलों में वांछित रहने के कारण पुलिस ने बंटी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बचता फिर रहा था।
सूत्रों के अनुसार पुलिस को सूचना मिली कि वह इलाके में हेरोइन की सप्लाई करने आने वाला है। इसके बाद एसओजी और थाना पुलिस की टीम ने आर्यन एकेडमी के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की सक्रियता से बड़ी सफलता
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसओजी और थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस की सतर्कता और सक्रियता से यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जिले को इस अवैध कारोबार से मुक्त कराया जा सके।
युवाओं के लिए खतरे की घंटी
यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि जिले में फैलते नशे के कारोबार की गंभीर तस्वीर भी सामने लाता है।
महज 21 साल की उम्र में किसी युवक के खिलाफ 11 मुकदमे दर्ज होना इस बात का संकेत है कि नशे का जाल युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है।
जैत गांव: नशे के धंधे की जड़ें गहरी, कई युवक जा चुके हैं जेल
रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र का जैत गांव पिछले कुछ वर्षों से पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार इस गांव और आसपास के इलाकों से बार-बार हेरोइन की बरामदगी होती रही है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस गांव के कई युवक नशे की तस्करी के मामलों में पहले ही जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद यह अवैध कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा। गिरफ्तार आरोपी प्रतीक कुमार उर्फ बंटी भी इसी जैत गांव का निवासी है और उसके खिलाफ दर्ज अधिकांश मामले एनडीपीएस एक्ट से जुड़े हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आसान और तेजी से होने वाली कमाई का लालच युवाओं को इस काले धंधे की ओर खींच रहा है। यही कारण है कि समय-समय पर पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी के बावजूद जैत गांव का नाम बार-बार नशे की तस्करी के मामलों में सामने आता रहता है, जिससे यह इलाका पुलिस के लिए लगातार सिरदर्द बना हुआ है।
पुलिस टीम में इनकी रही भूमिका
इस कार्रवाई में थाना रॉबर्ट्सगंज के प्रभारी निरीक्षक राम स्वरुप वर्मा, एसओजी व सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक राजेश जी चौबे, चौकी प्रभारी नई बाजार धर्मनारायण भार्गव, उपनिरीक्षक रणजीत सिंह सहित एसओजी और थाना पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वह किस बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है और उसके पीछे कौन लोग काम कर रहे हैं। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही जा रही है।

